आज का विचारजिदंगी की सार्थकता खुद के लिये जीने में नहीं वरन सामाजिक मूल्यों की रक्षा व पीड़ितों के आंसूओं को पोछने में है। मन, वचन, काया में एक रुपता व विचारों में शुद्धता ही सफलता का मूल मंत्र है। सोच दिशा तय करती है और दिशा हमारी दशा तय करती है। इसलिये सार्थक सोच रखें परिणाम भी सार्थक मिलेंगे।

Saturday, 2 August 2014

मन की शुद्धता व वचन की मधुरता सदा अनंत उंचाईयों की ओर ले जाती है॰॰॰ सच्चीदानंद पुरोहित

मन की शुद्धता व वचन की मधुरता सदा अनंत उंचाईयों की ओर ले जाती है॰॰॰ सच्चीदानंद पुरोहित



Wednesday, 17 July 2013

जीवन की धूप छांव का मजा लेना सीखो..

मुश्किलें तो तब पैदा होती हैं जब हम हार मान बैठते हैं और हताशा के भंवर में डूबने उतरने लगते हैं। मेरी बात मानो तो जीवन की धूप छांव का मजा लेना सीखो, फिर देखना जीवन आनन्द सरोवर नजर आने लगेगा.
सच्चिदानंद पुरोहित

Wednesday, 3 July 2013

Tuesday, 25 June 2013

" जीवन की सार्थकता निज स्वार्थों की पूर्ती में नहीं "

" जीवन की सार्थकता निज स्वार्थों की पूर्ती में नहीं "
                                                    सच्चिदानंद पुरोहित 





Sunday, 23 June 2013

सभी तो मेरे अपने हैं फिर प्रश्न भाव कैसा॰॰?

सभी तो मेरे अपने हैं फिर प्रश्न भाव कैसा॰॰? ये सोच ही हमें आदर्श इंसान बना सकती है। किसी दिन दूसरे के भले व सहयोग के बारे में सोच भर लेना, फिर देखना जो सुकून व शांती मिलेगी वो किसी स्वर्गिक आनंद से कम न होगी ॰॰ सच्चिदानंद पुरोहित  

जिदंगी की सार्थकता

“जिदंगी की सार्थकता खुद के लिये जीने में नहीं वरन सामाजिक मूल्यों की रक्षा व पीड़ितों के आंसूओं को पोछने में है।“
 उत्तराखण्ड की प्राकृतिक आपदा में ना जाने कितने ब्रह्मलीन हो गये, ना जाने कितने अपनी जिंदगी से लड़ रहे हैं, ना जाने कितने अनाथ हो गये हैं। ऐसे में हमारा मौन अच्छा नहीं, हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना अच्छा नहीं। जो बन पड़े वो जरुर कीजिये वक्त आपका आभारी रहेगा॰॰ ॐ शांती 

Friday, 21 June 2013

संवादहीनता जहां मुश्किलें बढ़ाती हैं वहीं संवेदनहीनता अनैतिकता॰॰

Friday, 5 April 2013

बहुत कम लोग अपनी शक्ति व क्षमता समझ पातें हैं। जो समझ जाते है उनमें से बहुत कम अपने अहं पर काबू रख पाते। जो अहं पर नियंत्रण कर लेते हैं वो अंततः विजय मार्ग को प्राप्त करते हैं। 
श्रद्धेय स्वामी श्री सच्चिदानंद जी पुरोहित

अनेक आपदायें आयेंगी तुम डटे रहना अंततः वो ही असीम शक्ति देकर जायेंगी॰॰ परमपूज्य स्वामी श्री सच्चिदानंद जी पुरोहित


अनेक आपदायें आयेंगी तुम डटे रहना 
अंततः वो ही असीम शक्ति देकर जायेंगी॰॰ 
परमपूज्य स्वामी श्री सच्चिदानंद जी पुरोहित